भारतीय साहित्य, संस्कृति और राष्ट्रीय चेतना के अमर प्रवक्ता जयशंकर प्रसाद की दिव्य साहित्यिक परम्परा को वैश्विक आयाम प्रदान करने हेतु महाकवि जयशंकर प्रसाद ट्रस्ट तथा “लिट्रेचरनामा संस्था” के मध्य एक ऐतिहासिक साहित्यिक सहयोग स्थापित किया गया है। इस अभिनव एवं महत्त्वपूर्ण साझेदारी के अंतर्गत अब “लिट्रेचरनामा पत्रिका” का आधिकारिक डिजिटल प्रकाशन महाकवि जयशंकर प्रसाद की आधिकारिक वेबसाइट पर किया गया है, जहाँ ट्रस्ट के सम्मानित सदस्यगण लॉगिन कर इस विशिष्ट साहित्यिक धरोहर का अध्ययन कर सकेंगे।
यह भारतीय ज्ञान-परम्परा, सांस्कृतिक अस्मिता, साहित्यिक गरिमा और रचनात्मक चेतना के संरक्षण एवं संवर्धन का एक राष्ट्रीय सांस्कृतिक अभियान है। यह प्रयास उस साहित्यिक आलोक को पुनः प्रज्वलित करने का संकल्प है, जिसने भारतीय मन, संवेदना और आत्मा को सदैव दिशा प्रदान की है।
“लिट्रेचरनामा संस्था” के माध्यम से साहित्य, दर्शन, संस्कृति, इतिहास, रंगमंच, शोध, आलोचना, कविता, कथा, भारतीय चिंतन तथा समकालीन बौद्धिक विमर्श के विविध आयामों को एक प्रतिष्ठित मंच प्राप्त होगा। यह मंच केवल लेखन का माध्यम नहीं रहेगा, बल्कि विचारों के आदान-प्रदान, साहित्यिक संवाद और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का एक जीवंत केन्द्र बनेगा।
इस साहित्यिक यात्रा में प्रत्येक सदस्य केवल पाठक नहीं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक चेतना के संवाहक, साहित्यिक मूल्यों के संरक्षक और एक विराट साहित्यिक परिवार के सक्रिय सहभागी होंगे। यह मंच उन सभी साहित्यप्रेमियों के लिए समर्पित है जो शब्दों को केवल अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि साधना, संस्कृति और राष्ट्रनिर्माण का माध्यम मानते हैं।
आइए, हम सब मिलकर इस अद्वितीय साहित्यिक यज्ञ में सहभागी बनें तथा महाकवि जयशंकर प्रसाद की अमर चेतना, भारतीय साहित्य की दिव्य परम्परा और सांस्कृतिक गौरव को आने वाली पीढ़ियों तक और अधिक प्रकाशमान बनाएँ।